Tuesday, September 25, 2007

असली इंडियन आइडियल बनूंगा-हिन्दी हास्य कविता

इंडियन आइडियल का नशा
एक दिन ही चढ़ा
दूसरे दिन उतरा
बालक को करा रहे थे
माता-पिता म्यूजिक की प्रेक्टिस
उसके लिए जुटाए थे तमाम सामान
और फिल्मी गानों के केसिट्स
और कह रहे
'लगा रह मुन्ना भाईस की तरह
हम तेरे लिए जुटाएँगे
चारों तरफ से एस एम एस'
बीस ओवरीय विश्व कप में
भारत की जीत पर
बालक जोर से बिफरा
उठा लाया घर से कबाड़ से पुराना बल्ला
और बोला
'मैं नकली नहीं
असली इंडियन आइडियल बनूंगा
दूसरों की धून पर नृत्य नही करूंगा
अब तो बीस ओवर की राह पर चलूँगा
लोगों के एस एम एस की राह नही तकूंगा
उनको ताली बजाने के लिए मजबूर करूंगा'
और वह बरसात में खेलने चल पडा

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