Saturday, September 8, 2007

कबूतरनी कि पत्नी

बडे लोगों की कबूतरबाजी के यही हाल रहे तो
विदेश में हर भारतीय को अपने साथ
ले जाने में दिक्कत होगी पत्नी
साबित करना होगा नहीं है
वह उड़ाकर लाई कबूतरनी
शादी का एलबम सीडी या कोई
सबूत साथ रखना होगा
उड़ाकर लाई कबूतरनी नहीं
ब्याह कर लाई पत्नी यही
बार-बार साबित करना होगा
कहना पडेगा चीख-चीख कर
'यही है मेरी पत्नी'

कितना हैरान होगा जब कोई
विदेशी पूछेगा
'यह आपकी कौन'
भारतीय कहेगा
'पत्नी '
विदेशी पूछेगा
'क्या अपनी'
भला विदेशियों को कैसे ही
उनके घर में कोई पलटकर पूछ सकता है कि
'क्या पराई भी होती है पत्नी'

हवाई अड्डों पर शुरू होगी चेकिंग
'कौन लाया है पत्नी और कबूतरनी '
कितनी बार सबूत माँगता है आदमी
अपनी पत्नी से उसके पतिव्रता होने के
वह दिन भी आयेगा जब
पत्निव्रता होने के सबूत उसे
अपने साथ रखने होंगे'
हवा में उड़ने से पहले और बाद
उसे कदम-कदम पर
करना होगा साबित
'जो स्त्री मेरे साथ है
उसे लाने का खर्चा मैंने ही उठाया है
कोई नहीं खाया है कमीशन
इसे लाने के लिए इसके माँ-बाप से भी
लाया हूँ लिखित परमीशन
यह कोई कबूतरनी नहीं
मेरी है अपनी पत्नी'

इस तरह विदेशी दौरे पर आदमी की
जान तो सांसत में रहेगी
हंसती रहेगी पत्नी

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