Tuesday, July 26, 2011

शांति संदेश और दर्द-हिन्दी कवितायें shanti sandesh aur dard-hindi kavitaen)

आसमान के उड़ते कबूतरों के झुंड को देखकर
ख्याल आया कि
इन शांति दूतों की हलचल पर
अब क्यों नहीं लोग नज़र डालते,
फिर जमीन पर देखा घूमते हुए
लोगों ने मिट्टी, लोहे और प्लास्टिक के बने
कबूतर सजा दिये हैं अल्मारी में
दूसरों को दिखाने के लिये
शोर मचाते हुए वह
अपने पक्षीपेमी होने का
सबूत देते हैं,
मगर छत पर दाना चुगते हुए
शांति संदेश के संवाहक कबूतरों को देखकर
मौन होकर कोई देखे
वह तभी जान पायेगा शांति की तलाश
बाहर नहीं अंदर होती है।
------
रोते, चिल्लाते और धमकाते
थक गये हम
किसी दूसरे का क्या
अपना दर्द भी अब नहीं सताता
नहीं रुला पाते अपने गम।
जिनके हाथ में खंजर है
वह कत्ल किये बिना नहीं रहेंगे,
जिनके पास दौलत है
वह गरीब का भला नहीं सहेंगे,
शौहरत का हिमालय पा लिया जिन्होंने
लोग उन शैतानों को फरिश्ता समझेंगे,
क्या कहें हम बेदर्द जमाने के
अपने ही दर्द पर अपनी आंखें नहीं होती नम।
---------------

कवि, लेखक एवं संपादक-दीपक ‘भारतदीप’,ग्वालियर
hindi poet,writter and editor-Deepak 'Bharatdeep',Gwalior
http://dpkraj.blgospot.com

यह आलेख इस ब्लाग ‘दीपक भारतदीप का चिंतन’पर मूल रूप से लिखा गया है। इसके अन्य कहीं भी प्रकाशन की अनुमति नहीं है।
अन्य ब्लाग
1.दीपक भारतदीप की शब्द पत्रिका
2.अनंत शब्दयोग
3.दीपक भारतदीप की शब्दयोग-पत्रिका
4.दीपक भारतदीप की शब्दज्ञान पत्रिका5.दीपक बापू कहिन
6.हिन्दी पत्रिका 
७.ईपत्रिका 
८.जागरण पत्रिका 
९.हिन्दी सरिता पत्रिका

No comments:

समस्त ब्लॉग/पत्रिका का संकलन यहाँ पढें-

पाठकों ने सतत अपनी टिप्पणियों में यह बात लिखी है कि आपके अनेक पत्रिका/ब्लॉग हैं, इसलिए आपका नया पाठ ढूँढने में कठिनाई होती है. उनकी परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए इस लेखक द्वारा अपने समस्त ब्लॉग/पत्रिकाओं का एक निजी संग्रहक बनाया गया है हिंद केसरी पत्रिका. अत: नियमित पाठक चाहें तो इस ब्लॉग संग्रहक का पता नोट कर लें. यहाँ नए पाठ वाला ब्लॉग सबसे ऊपर दिखाई देगा. इसके अलावा समस्त ब्लॉग/पत्रिका यहाँ एक साथ दिखाई देंगी.
दीपक भारतदीप की हिंद केसरी पत्रिका


लोकप्रिय पत्रिकायें

हिंदी मित्र पत्रिका

यह ब्लाग/पत्रिका हिंदी मित्र पत्रिका अनेक ब्लाग का संकलक/संग्रहक है। जिन पाठकों को एक साथ अनेक विषयों पर पढ़ने की इच्छा है, वह यहां क्लिक करें। इसके अलावा जिन मित्रों को अपने ब्लाग यहां दिखाने हैं वह अपने ब्लाग यहां जोड़ सकते हैं। लेखक संपादक दीपक भारतदीप, ग्वालियर