Tuesday, January 19, 2010

चाहत और राहत-हिन्दी व्यंग्य कविता (chahat aur rahat-hindi vyangya kavita)

असुंदर को सुंदरता की,

भूखे को रोटी की,

और उदास इंसान को

मनोरंजन की होती है चाहत।

इसलिये सुंदर को

असुंदरता का अपमान देखकर,

अमीर को भूख के दर्द से

शाब्दिक हमदर्दी दिखाकर,

और मनोरंजन से थके इंसान को

उदासी की बातों से मिलती है राहत।

कवि,लेखक संपादक-दीपक भारतदीप,Gwalior
http://dpkraj.blogspot.com
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