Wednesday, September 29, 2010

भक्तों के लिये भोले हैं राम-हिन्दी कविता (bhakton ke liye bhole hain ram-hindi poem)

दिल में नहीं था कहीं
पर जुबान से लेते रहे राम का नाम,
बनाते रहे अपने काम,
बरसती रही उन पर रोज़ माया,
फिर भी चैन नहीं आया,
कुछ लोग मतलब से पास आते हैं,
निकलते ही दूर चले जाते हैं,
राम का नाम बेचने में
उनको आता है मज़ा,
मगर मिलती है उनको भी बैचेनी की सज़ा,
भक्तों के लिये भोले हैं राम,
जरूरत से बनाते जाते काम
पर जो भक्तों को भुलाते हैं,
झूठे दर्द का वास्ता देकर रुलाते हैं,
नाम लेने से भर जाती उनकी भी झोली,
मगर हृदय में नहीं होते राम,
नहीं पाते इसलिये वह कभी आराम।
____________


कवि,लेखक संपादक-दीपक भारतदीप,Gwalior
http://dpkraj.blogspot.com
---------------------------
यह कविता/आलेख इस ब्लाग ‘दीपक भारतदीप की अभिव्यक्ति पत्रिका’ पर मूल रूप से लिखा गया है। इसके अन्य कहीं भी प्रकाशन की अनुमति नहीं है।
अन्य ब्लाग
1.दीपक भारतदीप की शब्द पत्रिका
2.दीपक भारतदीप का चिंतन
3.दीपक भारतदीप की शब्दयोग-पत्रिका

हिन्दी साहित्य,समाज,संदेश,मनोरंजन,,hindi lieterature,sahitya,hindi poemअयोध्या में राम, अयोध्या में राम जन्मभूमि,अयोध्या में राम मंदिर,ayodhya mein ram,ayodhya men ram,ayodhya mein ram janmabhoomi,ayodhaya men ram janmabhoomi,ayodhya mein ram janambhoomi,ayodhya men ram janambhoomi,ayodhya ke ramlala

2 comments:

अनामिका की सदायें ...... said...

आप की रचना 01 अक्टूबर, शुक्रवार के चर्चा मंच के लिए ली जा रही है, कृप्या नीचे दिए लिंक पर आ कर अपनी टिप्पणियाँ और सुझाव देकर हमें अनुगृहीत करें.
http://charchamanch.blogspot.com


आभार

अनामिका

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

सही बात कही है ....

समस्त ब्लॉग/पत्रिका का संकलन यहाँ पढें-

पाठकों ने सतत अपनी टिप्पणियों में यह बात लिखी है कि आपके अनेक पत्रिका/ब्लॉग हैं, इसलिए आपका नया पाठ ढूँढने में कठिनाई होती है. उनकी परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए इस लेखक द्वारा अपने समस्त ब्लॉग/पत्रिकाओं का एक निजी संग्रहक बनाया गया है हिंद केसरी पत्रिका. अत: नियमित पाठक चाहें तो इस ब्लॉग संग्रहक का पता नोट कर लें. यहाँ नए पाठ वाला ब्लॉग सबसे ऊपर दिखाई देगा. इसके अलावा समस्त ब्लॉग/पत्रिका यहाँ एक साथ दिखाई देंगी.
दीपक भारतदीप की हिंद केसरी पत्रिका


लोकप्रिय पत्रिकायें

विशिष्ट पत्रिकाऐं

हिंदी मित्र पत्रिका

यह ब्लाग/पत्रिका हिंदी मित्र पत्रिका अनेक ब्लाग का संकलक/संग्रहक है। जिन पाठकों को एक साथ अनेक विषयों पर पढ़ने की इच्छा है, वह यहां क्लिक करें। इसके अलावा जिन मित्रों को अपने ब्लाग यहां दिखाने हैं वह अपने ब्लाग यहां जोड़ सकते हैं। लेखक संपादक दीपक भारतदीप, ग्वालियर