Tuesday, April 28, 2015

वही जीते जिंदगी-हिन्दी कविता(vahi jeete zindagi-hindi poem)


जिंदगी की सासें
कब तक उखड़ेंगी
तय नहीं है

कभी हादसे कभी खुशियां
समय की चाल में
लय नहीं है।

कहें दीपक बापू जिंदा दिली से
वही जीते जिंदगी
जिनके दिल में कोई भी
भय नहीं है।
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लेखक एवं संपादक-दीपक राज कुकरेजा भारतदीप
लश्करग्वालियर (मध्य प्रदेश)
कवि, लेखक एवं संपादक-दीपक ‘भारतदीप’,ग्वालियर
hindi poet,writter and editor-Deepak 'Bharatdeep',Gwalior
http://dpkraj.blgospot.com

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