Wednesday, October 8, 2008

नहीं तो आपकी कंपनी हो जायेगी फेल-हिन्दी शायरी

परेशान निर्माती ने पूछा
अपने प्रचार विशेषज्ञ से के
'सास बहू के धारावाहिक अब
क्यों हो रहे हैं फ्लॉप
अच्छी खबरें नहीं आ रहीं
हमारे धंधे के बारे में
प्रायोजक छोड़ रहे हैं साथ
खतरे में पड़ जायेगी सबकी कमाई
अपने ज्ञान से पता करो आप'

सुनकर बोला प्रचार विशेषज्ञ
'अब तो असली आतंक की
खबरें ही पा रहीं है सब जगह टॉप
आपके धारावाहिक की सासें तो
दिखाती हैं नकल क्रूरता
धमाकों के असली दृश्य टीवी पर देखकर
हर दर्शक दहल जाता है
उसका दिल भी बहल जाता है
हर टीवी चैनल लगा है
उसे भुनाने में
कौन देखेगा अब ऐसे रक्तहीन धारावाहिक
जब आपके कार्यक्रमों के शोर
धमाकों की आवाज में दब जाता हो
हर रोज ऐसा मंजर सामने आता हो
बम कहीं फटता हो
पर चैनल वाले दृश्य के साथ
अपनी असली धमाके की आवाज जोड़कर
आदमी को हिला देते हैं
अब आप भी बंद कर दो
यह सास बहू का खेल
आतंक का कार्यक्रम दो ठेल
आजकल बाज़ार में उसी की है सेल'
नहीं तो हो जायेगी आपकी कंपनी फेल
मैंने पहले ही बता दिया
फिर मुझे दोष न देना आप

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