Sunday, May 9, 2010

टी-ट्वंटी में बीसीसीआई टीम का तमाशा खत्म-हिन्दी लेख (T-20 world cricket cup-hindi article)

वेस्टइंडीज ने बीसीसीआई की क्रिकेट टीम को बीस ओवरीय प्रतियोगिता में हराकर लगभग बाहर कर दिया हैै और श्रीलंका से आखिरी मैच केवल औपचारिक ही रह गया है।
आईपीएल में भारी कमाई कर चुके बीसीसीआई के खिलाड़ी उसका बोझ बीस ओवरीय विश्व कप प्रतियोगिता में नहीं उठा पायेंगे इसका अनुमान पहले ही अनेक लोगों ने कर लिया था। भारतीय क्रिकेट विशेषज्ञ जानते थे कि शारीरिक थकान और धन के बोझ तले बीसीसीआई क्रिकेट टीम के अधिकांश खिलाड़ी उतने उत्साह से नहीं खेल पायेंगेे जिससे कि विश्व कप जीता जा सके। आज वेस्टइंडीज से हारने के बाद भारत विश्व कप की दौड़ से बाहर हो गया है।
अधिकतर प्रचार माध्यमों में व्यवसायिक विशेषज्ञ पुराने क्रिकेट खिलाड़ी होते हैं पर वह बजाय क्रिकेट के अपने प्रायोजकों के प्रति अधिक समर्पण दिखाते हैं। यह भी संभव है कि उनको दूसरे देशों की टीमों की तैयारी का आभास न रहता हो और उनके ध्यान में केवल भारत और पाकिस्तान दोनों ही देश बसते हैं। इसमें से एक क्रिकेट विशेषज्ञ ने सेमीफायनल ने में चार टीमों में आस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, भारत तथा पाकिस्तान का नाम लिया था। उस समय लगा था कि हमारे देश में क्रिकेट के नाम पर कोरे लोग ही बसते हैं क्योंकि उनको लगता है कि चूंकि एशिया के खिलाड़ी कमा खूब रहे हैं इसलिये शायद यही क्रिकेट खेला जाता है। सच बात तो यह है कि पहले तथा दूसरी बीस ओवरीय विश्व कप तक दूसरे देश इस प्रतियोगिता को गंभीरता से नहीं ले रहे थे पर आईपीएल में पैसे के भारी आकर्षण में विदेशी खिलाड़ी अब इस विश्व कप की तैयारी अच्छी करने लगे हैं क्योंकि उनको लगता है कि इससे भारत में क्रिकेट क्लबों के स्वामी उनकी नीलाम बोली अच्छी लगायेंगे। यही कारण है बीस ओवरीय प्रारूप में पाकिस्तान और बीसीसीआई की टीमें अब वैसी मजबूत नहीं मानी जाती जैसे पहले थी। इस प्रतियोगिता में भारत और पाकिस्तान अब सेमीफायनल से लगभग बाहर हो गये हैं।
अब तो यह देखना है कि क्रिकेट में भारत की लोकप्रियत का क्या हाल होता है? इसके बावजूद भी लोग क्रिकेट देखते हैं तो यह मानना पड़ेगा कि यहां केवल पैसा खेलता है, खेल नहीं। दूसरी बात लोग खेल का मतलब हीं नहीं समझते, जो बड़े लोग थोप दें वही खेलने लगते हैं जैसे अंग्रेज इस देश को क्रिकेट का खेल थोप गये हैं जिसे केवल आठ देश ही खेलते हैं। क्रिकेट गुलामों का खेल है और हमारे देश् के लोग गुलामी की मानसिकता के साथ जीने के आदी हो चुके हैं।
--------------
कवि,लेखक संपादक-दीपक भारतदीप,Gwalior
http://dpkraj.blogspot.com
---------------------------
यह कविता/आलेख इस ब्लाग ‘दीपक भारतदीप की अभिव्यक्ति पत्रिका’ पर मूल रूप से लिखा गया है। इसके अन्य कहीं भी प्रकाशन की अनुमति नहीं है।
अन्य ब्लाग
1.दीपक भारतदीप की शब्द पत्रिका
2.दीपक भारतदीप का चिंतन
3.दीपक भारतदीप की शब्दयोग-पत्रिका

No comments:

समस्त ब्लॉग/पत्रिका का संकलन यहाँ पढें-

पाठकों ने सतत अपनी टिप्पणियों में यह बात लिखी है कि आपके अनेक पत्रिका/ब्लॉग हैं, इसलिए आपका नया पाठ ढूँढने में कठिनाई होती है. उनकी परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए इस लेखक द्वारा अपने समस्त ब्लॉग/पत्रिकाओं का एक निजी संग्रहक बनाया गया है हिंद केसरी पत्रिका. अत: नियमित पाठक चाहें तो इस ब्लॉग संग्रहक का पता नोट कर लें. यहाँ नए पाठ वाला ब्लॉग सबसे ऊपर दिखाई देगा. इसके अलावा समस्त ब्लॉग/पत्रिका यहाँ एक साथ दिखाई देंगी.
दीपक भारतदीप की हिंद केसरी पत्रिका


लोकप्रिय पत्रिकायें

हिंदी मित्र पत्रिका

यह ब्लाग/पत्रिका हिंदी मित्र पत्रिका अनेक ब्लाग का संकलक/संग्रहक है। जिन पाठकों को एक साथ अनेक विषयों पर पढ़ने की इच्छा है, वह यहां क्लिक करें। इसके अलावा जिन मित्रों को अपने ब्लाग यहां दिखाने हैं वह अपने ब्लाग यहां जोड़ सकते हैं। लेखक संपादक दीपक भारतदीप, ग्वालियर