Showing posts with label film. Show all posts
Showing posts with label film. Show all posts

Tuesday, September 4, 2007

चेहरे पर होते सब फ़िदा, देखता कोई चरित्र नहीं है

फिल्म निर्माता ने नए चेहरे लेकर
काम करने की योजना बनाई
निर्देशक ने इस पर अपनी आपत्ति जताई
पर फिर मजबूर होकर मान गया
जब निर्माता ने दी कम बजट की दुहाई
दोनों ने मिलकर नए लड़को-लड़कियों से
साक्षात्कार लेकर अपनी फिल्म की कास्ट बनाई
निर्देशक था चालाक
उसने अपने ही चेलों को
अभिनय और गायन में काम
दिलाने की योजना बनाई
पहले कर आया अकेले
साक्षात्कार का नाटक
फिर चयनित उम्मीदवारों की
निर्माता के सामने परेड कराई

पहले आया हीरो की भूमिका का उम्मीदवार
पहने था सिर पर मवालियों वाली टोपी
और हाथ में लिए था चाक़ू
निर्देशक ने उससे दिखावे के लिए पूछा
'क्या नाम है तुम्हारा'
उसने कहा
'गबन'
निर्देशक ने पूछा
'कितने केस कर चुके हो'
उसने कहा
'अब तक छप्पन'
उसके बाहर जाते ही निर्माता बोला
'यह तो कहीं से भी हीरो नहीं लगता
इसके चरित्र से तो भय लगता
दर्शक कभी इस विलेन को
हीरो नहीं मानेंगे
बाक्स आफिस पर फिल्म की होगी पिटाई'

निर्देशक बोला
'तुम्हें फिल्म बनानी है कि नही
बनाकर चलानी है कि नहीं
यह बहुत पहुंच वाला है
बदनाम है तो क्या नाम वाला है
रहा चरित्र का सवाल तो
मत मचाओ बवाल
फिल्म की कहानी में
इससे शांति, प्रेम, दया और अहिंसा को
बुलंद कराने वाले डायलाग बुलवा देंगे
जनता और मीडिया से वाह-वाह दिलवा देंगे
हीरोइन के रुप में भी इसकी गर्लफ्रेंड को चुना है
अगर कही किसी केस में बंद हो गया तो
चर्चा का केंद्र बन जाएगा
ऐक दिन इसके अन्दर जाने का
दूसरे दिन हीरोइन का इससे मिलने जाने का
सब जगह लाइव प्रसारण आएगा
अपनी फिल्म को फोकट में प्रचार मिल जाएगा
जहाँ देखो उसका नाम सुनाई देगा
इससे प्रचार का तुम्हारा खर्च भी बचेगा
कहो कैसी योजना बनाई?'

निर्माता बोला
'योजना तो बहुत अच्छी है
पर जोखिम बहुत है
मेरी समझ से परे है
पर तुम अमल करो भाई'
निर्देशक बोला
'आजकल कोई किसी का बंधु और मित्र नहीं है
सब फ़िदा होते है चेहरे पर
कोई देखता किसी का चरित्र नहीं है
अभी तुम दौलत के ढ़ेर पर हो
मैं तुम्हें शौहरत की दूंगा ऊंचाई
कभी नहीं की होगी
ज़िन्दगी में सोचा भी नहीं होगा
इतनी करोगे कमाई

-----------------'

समस्त ब्लॉग/पत्रिका का संकलन यहाँ पढें-

पाठकों ने सतत अपनी टिप्पणियों में यह बात लिखी है कि आपके अनेक पत्रिका/ब्लॉग हैं, इसलिए आपका नया पाठ ढूँढने में कठिनाई होती है. उनकी परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए इस लेखक द्वारा अपने समस्त ब्लॉग/पत्रिकाओं का एक निजी संग्रहक बनाया गया है हिंद केसरी पत्रिका. अत: नियमित पाठक चाहें तो इस ब्लॉग संग्रहक का पता नोट कर लें. यहाँ नए पाठ वाला ब्लॉग सबसे ऊपर दिखाई देगा. इसके अलावा समस्त ब्लॉग/पत्रिका यहाँ एक साथ दिखाई देंगी.
दीपक भारतदीप की हिंद केसरी पत्रिका


लोकप्रिय पत्रिकायें

विशिष्ट पत्रिकाऐं

हिंदी मित्र पत्रिका

यह ब्लाग/पत्रिका हिंदी मित्र पत्रिका अनेक ब्लाग का संकलक/संग्रहक है। जिन पाठकों को एक साथ अनेक विषयों पर पढ़ने की इच्छा है, वह यहां क्लिक करें। इसके अलावा जिन मित्रों को अपने ब्लाग यहां दिखाने हैं वह अपने ब्लाग यहां जोड़ सकते हैं। लेखक संपादक दीपक भारतदीप, ग्वालियर